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योगी का पीएम को लिखा ये खत न बज जाएं गले की फांस, पेंशन पर बदलना पड़ेगा फैसला

लखनऊ। पुरानी पेंशन की मांग करने वाले शिक्षकों-अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए लिखा गया सीएम योगी आदित्यनाथ का खत नया विवाद खड़ा कर सकता है। यह खत पिछली सरकार में प्रधानमंत्री रहे डॉ मनमोहन सिंह को लिखा गया था। उस समय योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद थे।

सत्ता में आते ही बदले

अब केन्द्र और राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद खुद सीएम योगी आदित्यनाथ सवालों के घेरे में हैं। शिक्षकों का कहना है कि जब सांसद रहते हुए योगी ने उनकी दिक्कतें समझीं और तत्कालीन पीएम तक पहुंचाईं, तो अब सीएम बनने के बाद वह आंखें क्यों मूंद रहे हैं।
योगी का पीएम को लिखा ये खत न बज जाएं गले की फांस, पेंशन पर बदलना पड़ेगा फैसला
इस मामले में अब शिक्षक-कर्मचारी संगठन ‘अटेवा’ ने नई रणनीति बनाई है। संगठन के पदाधिकारियों ने तय किया है कि केन्द्र और राज्य सरकार के बंद हो चुके कान खोलने के लिए नई पेंशन स्कीम की शवयात्रा निकाली जाएगी। 12 अक्टूबर की दोपहर बाद साढ़े तीन बजे लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा से शवयात्रा निकाली जाएगी। इतना ही नहीं, यूपी के 75 जिलों में सरकार के खिलाफ आवाज भी बुलंद की जाएगी।
अटेवा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि इस यात्रा में केजीएमयू, राम मनोहर लोहिया संस्थान व अस्पताल, पीडब्ल्यूडी, लुआक्टा और कृषि, पशुपाल, सिंचाई समेत विभिन्न विभागों के पेंशनविहीन शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे। शव यात्रा का नेतृत्व अटेवा के अध्‍यक्ष विजय कुमार बंधु, महामंत्री नीरजपति त्रिपाठी, लुआक्टा अध्‍यक्ष मनोज पाण्‍डेय, लोहिया नर्सेज संघ अध्‍यक्ष अमित शर्मा और सफाई कर्मचारी संघ के अध्‍यक्ष रामेन्द्र सिंह करेंगे। शवयात्रा में सूबे भर से पेंशनवि‍हीन शिक्षक-कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल होंगे।

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